"खुश रहिये , मुस्कुराते रहिये और अपनों को भी खुश रखिये।"

Posts in "Motivational" Category

  • Kathor-kintu-satya - "कठोर किंतु सत्य"

    Category : Motivational By : Anonymous
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    18 Aug 2017

     

    - माचिस किसी दूसरी चीज को जलाने से पहले खुद को जलाती हैं..!
    गुस्सा भी एक माचिस की तरह है..! यह दुसरो को बरबाद करने से पहले खुद को बरबाद करता है...

    - आज का कठोर व कङवा सत्य !! चार रिश्तेदार एक दिशा में  तब ही चलते हैं , जब पांचवा कंधे पर हो...

    - कीचड़ में पैर फंस जाये तो नल के पास जाना चाहिए मगर, नल को देखकर कीचड़ में नही जाना चाहिए, इसी प्रकार...
    जिन्दगी में बुरा समय आ जाये तो... पैसों का उपयोग करना चाहिए मगर...  पैसों को देखकर बुरे रास्ते पर नही जाना चाहिए...

    - रिश्तों की बगिया में एक रिश्…

  • Excuse v/s Success - बहाने Vs सफलता

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    24 Jun 2015

    ~ ~  (Excuse v/s Success) बहाने Vs सफलता ~ ~ 

    1- मुझे उचित शिक्षा लेने का अवसर नही मिला... उचित शिक्षा का अवसर फोर्ड मोटर्स के मालिक हेनरी फोर्ड को भी नही मिला ।

    2- मै इतनी बार हार चूका , अब हिम्मत नही... अब्राहम लिंकन 15 बार चुनाव हारने के बाद राष्ट्रपति बने।

    3- मै अत्यंत गरीब घर से हूँ ... पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी गरीब घर से थे । 

    4- बचपन से ही अस्वस्थ था... आँस्कर विजेता अभिनेत्री मरली मेटलिन भी बचपन से बहरी व अस्वस्थ थी ।

    5 - मैने साइकिल पर घूमकर आधी ज़िंदगी गुजारी है... निरमा क…

  • Happiness सबसे ज्यादा खुश कौन है ?

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    17 Jul 2016

    सबसे ज्यादा खुश कौन है ?

    एक कौआ था जो अपनी जिंदगी से बहुत खुश और संतुष्ट था। एक बार वह एक तालाब पर पानी पीने रुका। वहां पर उसने सफ़ेद रंग के पक्षी हंस को देखा। उसने सोचा मैं बहुत काला हूँ और हंस इतना सुन्दर हैं इसलिए शायद हंस इस दुनियां का सबसे खुश पक्षी होगा।

    कौआ हंस के पास गया और बोला -क्या आप दुनियां के सबसे खुश पक्षी हो ?
    हंस बोला – मैं भी यही सोचा करता था कि मैं दुनियां का सबसे खुश पक्षी हूँ जब तक कि मैंने तोते को न देखा था। तोते को देखने के बाद मुझे लगता हैं कि तोता ही दुनियां का सबसे …

  • Reality of life - Jeevan kee hakeekat

    Category : General , Motivational By : Anonymous
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    26 Jul 2017

     

    Jeevan kee hakeekat 


    एक गिलहरी रोज अपने काम पर समय से आती थी और अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से करती थी !

    गिलहरी जरुरत से ज्यादा काम कर के भी खूब खुश थीl क्योंकि उसके मालिक, जंगल के राजा शेर ने उसे दस बोरी अखरोट देने का वादा कर रखा था। गिलहरी काम करते करते थक जाती थी तो सोचती थी , कि थोडी आराम कर लूँ , वैसे ही उसे याद आता कि शेर उसे दस बोरी अखरोट देगाl गिलहरी फिर काम पर लग जाती ! गिलहरी जब दूसरे गिलहरीयों को खेलते देखती थी, तो उसकी भी इच्छा होती थी कि मैं भी खेलूं , पर उसे अखरोट याद आ जाता…

  • Solution of Problem of life

    Category : Motivational By : Naresh sharma
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    21 Jul 2017

    खुद की तरक्की में इतना
          समय लगा दो
    की किसी ओर की बुराई
       का वक्त ही ना मिले......
    क्यों घबराते हो दुखी होने से,
    जीवन का प्रारंभ ही हुआ है रोने से..
    नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है...
    लोग "रूलाना" नहीं छोडेगे...
    और आप "हसाना" मत छोडो...