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Posts in "Spiritual - Related to God" Category

  • Aarti shree Laxmi ji ki - लक्ष्मी जी की आरती

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    22 Sep 2017

     श्री लक्ष्मी जी की आरती (Laxmi ji ki aarti)

    ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता |
    तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता || जय

    ब्रह्माणी रूद्राणी कमला, तू हि है जगमाता |
    सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता || जय

    दुर्गा रूप निरंजन, सुख सम्पति दाता |
    जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता || जय

    तू ही है पाताल बसन्ती, तू ही है शुभ दाता |
    कर्म प्रभाव प्रकाशक, भवनिधि से त्राता || जय

    जिस घर थारो वासो, तेहि में गुण आता |
    कर न सके सोई कर ले, मन नहिं धड़काता || जय

    तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता |
    खान …

  • परीक्षा लेने का निर्णय by God

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    24 Apr 2018


    एक समय मोची का काम करने वाले व्यक्ति को रात में भगवान ने सपना दिया और कहा - कल सुबह मैं तुझसे मिलने तेरी दुकान पर आऊंगा !

    मोची की दुकान काफी छोटी थी और उसकी आमदनी भी काफी सीमित थी। खाना खाने के बर्तन भी थोड़े से थे। इसके बावजूद वो अपनी जिंदगी से खुश रहता था !

     एक सच्चा, ईमानदार और परोपकार करने वाला इंसान था। इसलिए ईश्वर ने उसकी परीक्षा लेने का निर्णय लिया !

    मोची मे सुबह उठते ही तैयारी शुरू कर दी। भगवान को चाय पिलाने के लिए दूध, चायपत्ती और नाश्ते के लिए मिठाई ले आया। दुकान को साफ कर वह भगवान का इं…

  • Trust on God - Hindi Story जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे.

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    12 Apr 2018


    जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये।

    वहां पहुँचते  ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी।
    उसी समय आसमान में घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कडकने लगी।

    उसने दाये देखा, तो एक शिकारी तीर का निशाना, उस की तरफ साध रहा था। घबराकर वह दाहिने मुडी, तो वहां एक भूखा शेर, झपटने को तैयार बैठा था। सामने सूखी घास आग पकड चुकी थी और पीछे मुडी, तो नदी में जल बहुत था।

    मादा ह…

  • Maa Durga ki aarti - दुर्गा जी की आरती

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    22 Sep 2017

    श्री दुर्गा जी की आरती

    जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी |
    तुमको निशि दिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ||

    मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को |
    उज्ज्वल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको ||

    कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै |
    रक्तपुष्प गल माला, कंठन पार साजै ||

    केहरि वाहन राजत, खडूग खप्पर धारी |
    सुर - नर मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ||

    कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती |
    कोटिक चन्द्र दिवाकर, राजत सम ज्योति ||

    शुम्भ निशुम्भ विदारे, महिषासुर घाती |
    धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मतमाती ||

    चण्ड - मुण्ड संहारे, शौणित बीज हरे |
    मधु -…

  • Shree Ganesh ji ki aarti - श्री गणेश जी की आरती

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    17 Sep 2017





            श्री गणेश जी की आरती




    जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ।
    माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
    जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
    एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी ।
    माथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
    जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
    अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
    बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
    जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
    हार चढ़ै, फूल चढ़ै और चढ़ै मेवा ।
    लड्डुअन को भोग लगे, संत करे सेवा ॥
    जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥
    दीनन की लाज राखो, शंभु सुतवारी ।
    कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी ॥
    जय गणेश, जय गणे…