बता सको तो राह बताओं, पथ भटकना मत सिखों |

Posts in "Spiritual - Related to God" Category

  • Happiness सबसे ज्यादा खुश कौन है ?

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    17 Jul 2016

    सबसे ज्यादा खुश कौन है ?

    एक कौआ था जो अपनी जिंदगी से बहुत खुश और संतुष्ट था। एक बार वह एक तालाब पर पानी पीने रुका। वहां पर उसने सफ़ेद रंग के पक्षी हंस को देखा। उसने सोचा मैं बहुत काला हूँ और हंस इतना सुन्दर हैं इसलिए शायद हंस इस दुनियां का सबसे खुश पक्षी होगा।

    कौआ हंस के पास गया और बोला -क्या आप दुनियां के सबसे खुश पक्षी हो ?
    हंस बोला – मैं भी यही सोचा करता था कि मैं दुनियां का सबसे खुश पक्षी हूँ जब तक कि मैंने तोते को न देखा था। तोते को देखने के बाद मुझे लगता हैं कि तोता ही दुनियां का सबसे …

  • BHAGWAD GITA in one sentence

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    17 Jul 2016

    BHAGWAD GITA _in one sentence per chapter...

    Chapter 1

    - Wrong thinking is the only problem in life

    Chapter 2

    -Right knowledge is the ultimate solution to all our problems

    Chapter 3

    -Selflessness is the only way to progress & prosperity

    Chapter 4

    -Every act can be an act of prayer

    Chapter 5

    -Renounce the ego of individuality & rejoice in the bliss of infinity

    Chapter 6

    -Connect to the Higher consciousness daily

    Chapter 7

    -Live what you learn

    Chapter 8

    -Never give up on yourself

    Chapter 9

    -Value your blessing…

  • Prem katha of lord krishna in Hindi

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    21 Jul 2017

    कान्हा के प्रेम की कथा
    (माँ-बाबा मुझको भूख लगी है)

    एक गांव में एक निर्धन जुलाहा दम्पत्ति रहता था। जुलाहे के नाम था सुन्दर और उसकी पत्नी का नाम था लीला। दोनों पति-पत्नी अत्यंत परिश्रमी थे। सारा दिन परिश्रम करते सुन्दर-सुन्दर कपड़े बनाते, किन्तु उनको उनके बनाए वस्त्रों की अधिक कीमत नहीं मिल पाती थी। दोनों ही अत्यन्त संतोषी स्वाभाव के थे जो मिलता उसी से संतुष्ट हो कर एक टूटी-फूटी झोपडी में रहकर अपना जीवन-निर्वाह कर लेते थे।

    वह दोनों भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त थे, दिन भर के परिश्रम के बाद जो भी …

  • Story of Banke bihaaree jee ka bhakt

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    25 Jul 2017

    ( बिहारी जी का भक्त )

    बिहारी जी का एक भक्त उनके दर्शन करने वृंदावन गया - वहाँ उसे उनके दर्शन नहीं हुए।  मंदिर में बड़ी भीड़ थी, लोग उससे चिल्ला कर कहते ‘‘अरे ! बिहारी जी सामने ही तो खड़े हैं,  पर वह कहता है कि भाई। मेरे को तो नहीं दिख रहे।’’  वो मूर्ति को बिहारी जी मानने को तैयार ही नहीं था,  उसके नेत्र प्यासे ही रह जाते इस तरह तीन दिन बीत गए पर उसको दर्शन नहीं हुए।

     उस भक्त ने ऐसा विचार किया कि सबको दर्शन होते हैं और मुझे नहीं होते, तो मैं बड़ा पापी हूं कि ठाकुर जी दर्शन नहीं देते,  मेरे …

  • Parmatma - परमात्मा

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    25 Jul 2017

    एक 6 साल का छोटा सा बच्चा अक्सर परमात्मा से मिलने की जिद किया करता था। उसे परमात्मा के बारे में कुछ भी पता नही था पर मिलने की तमन्ना, भरपूर थी। उसकी चाहत थी की एक समय की रोटी वो परमात्मा के सांथ खाये। 1 दिन उसने 1 थैले में 5 ,6 रोटियां रखीं और परमात्मा को को ढूंढने निकल पड़ा। चलते चलते वो बहुत दूर निकल आया संध्या का समय हो गया। उसने देखा नदी के तट पर 1 बुजुर्ग बूढ़ा बैठा हैं,जिनकी आँखों में बहुत गजब की चमक थी, प्यार था, और ऐसा लग रहा था जैसे उसी के इन्तजार में वहां बैठा उसका रास्ता देख रहा हों। व…