You cannot believe in God until you believe in yourself.

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  • Very touching & inspiring “जीवन के लिए खर्च” या “खर्च के लिए

    Category : Motivational By : Anonymous
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    24 Apr 2018

    very touching & inspiring
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    पत्नी ने कहा - आज धोने के लिए ज्यादा कपड़े मत निकालना…
     
    पति- क्यों??
     
    उसने कहा..- अपनी काम वाली बाई दो दिन नहीं आएगी…
     
    पति- क्यों??
     
    पत्नी- गणपति के लिए अपने नाती से मिलने बेटी के यहाँ जा रही है, बोली थी…
     
    पति- ठीक है, अधिक कपड़े नहीं निकालता…
     
    पत्नी- और हाँ!!! गणपति के लिए पाँच सौ रूपए दे दूँ उसे? त्यौहार का बोनस..
     
    पति- क्यों? अभी दिवाली आ ही रही है, तब दे देंगे…
     
    पत्नी- अरे नहीं बाबा!! गरीब है बेचारी, बेटी-नाती…

  • Toran ka sach - तोरण का सच

    Category : General By : Anonymous
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    24 Apr 2018

    तोरण का सच

    कुछ लोग जानकारी के अभाव मे गलती कर रहे हे
    हिन्दू समाज में शादी में तोरण मारने की एक आवश्यक रस्म है।
    जो सदियों से चली आ रही है। लेकिन अधिकतर लोग नहीं जानते कि यह रस्म कैसे शुरू हुई।
    दंत कथानुसार कहा जाता है कि एक तोरण नामक राक्षस था जो शादी के समय दुल्हन के घर के द्वार पर तोते का रूप धारण कर बैठ जाता था तथा दूल्हा जब द्वार पर आता तो उसके शरीर में प्रवेश कर दुल्हन से स्वयं शादी रचाकर उसे परेशान करता था।
    एक बार एक राजकुमार जो विद्वान एवं बुद्धिमान था शादी करने जब दुल्हन के घर में प्रवेश कर र…

  • Karma is real destiny - कर्म ही असली भाग्य

    Category : Motivational By : Anonymous
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    30 Apr 2018

    Karma is real destiny  (कर्म ही असली भाग्य)



    तेरा मेरा करते एक दिन चले जाना है,
           जो भी कमाया यही रह जाना है !

    कर ले कुछ अच्छे कर्म,
          साथ यही तेरे जाना है !

    रोने से तो आंसू भी पराये हो जाते हैं,

           लेकिन मुस्कुराने से...
    पराये भी अपने हो जाते हैं !

           मुझे वो रिश्ते पसंद है,
    जिनमें  " मैं " नहीं  " हम " हो !!

                 इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नही,
                           उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नही..

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    जीवन में किसी को…

  • A Life Story - एक प्रसंग जिंदगी का

    Category : General By : Anonymous
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    04 Feb 2018

    एक प्रसंग जिंदगी का

    एक राजा बहुत दिनों से पुत्र की प्राप्ती के लिये आशा लगाये बैठा था,
    पर पुत्र नही हुआ।
    उसके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग की बात बताई।
    सुझाव मिला कि किसी बच्चे की बलि दे दी जाये तो पुत्र प्राप्ती हो जायेगी।
    राजा ने राज्य में ये बात फैलाई कि जो अपना बच्चा देगा
    उसे बहुत सारे धन दिये जायेगे।
    एक परिवार में कई बच्चें थे, गरीबी भी थी,
    एक ऐसा बच्चा भी था जो ईश्वर पर आस्था रखता था
    तथा सन्तों के संग सत्संग में ज्यादा समय देता था।
    परिवार को लगा कि इसे राजा को दे दिया जाये
    क्योंकि ये कुछ का…

  • A Short Story - ​खाली पेट -​ (लघुकथा)

    Category : Motivational By : Anonymous
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    04 Feb 2018

    ​खाली पेट -​ (लघुकथा)
     
    लगभग दस साल का बालक राधा का गेट बजा रहा है।
    राधा ने बाहर आकर पूंछा
    "क्या है ? "
    "आंटी जी क्या मैं आपका गार्डन साफ कर दूं ?"
    "नहीं, हमें नहीं करवाना।"
    हाथ जोड़ते हुए दयनीय स्वर में "प्लीज आंटी जी करा लीजिये न, अच्छे से साफ करूंगा।"
    द्रवित होते हुए "अच्छा ठीक है, कितने पैसा लेगा ?"
    "पैसा नहीं आंटी जी, खाना दे देना।"
    " ओह !! अच्छे से काम करना।"
    "लगता है, बेचारा भूखा है।पहले खाना दे देती हूँ। राधा बुदबुदायी।"
    "ऐ 
    लड़के ! पहले खाना खा ले, फिर काम करना।
    "नहीं आंट…