❝आगे बढ़ने के चार सूत्र :- 1. व्यस्त रहे, मस्त रहे 2. सुख बांटे: दु:ख बंटाये 3. मिल बाँट कर खायें 4. सलाह ले, सम्मान दे❞

Posts in "Spiritual - Related to God" Category

  • Krishna or sudama ki kahani in hindi

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    06 Dec 2018

    कृष्ण और सुदामा

    कृष्ण और सुदामा का प्रेम बहुत गहरा था। प्रेम भी इतना कि कृष्ण, सुदामा को रात दिन अपने साथ ही रखते थे। 

    कोई भी काम होता, दोनों साथ-साथ ही करते।

     

    एक दिन दोनों वनसंचार के लिए गए और रास्ता भटक

    गए। भूखे-प्यासे एक पेड़ के नीचे पहुंचे। पेड़ पर एक

    ही फल लगा था। 

     

    कृष्ण ने घोड़े पर चढ़कर फल को अपने हाथ से तोड़ा। कृष्ण ने फल के छह टुकड़े

    किए और अपनी आदत के मुताबिक पहला टुकड़ा सुदामा को दिया।

    सुदामा ने टुकड़ा खाया और बोला,

    'बहुत स्वादिष्ट! ऎसा फल कभी नहीं खाया। एक

    टुकड़ा और दे …

  • Trust on God - Hindi Story जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे.

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    12 Apr 2018


    जंगल में एक गर्भवती हिरनी बच्चे को जन्म देने को थी। वो एकांत जगह की तलाश में घुम रही थी, कि उसे नदी किनारे ऊँची और घनी घास दिखी। उसे वो उपयुक्त स्थान लगा शिशु को जन्म देने के लिये।

    वहां पहुँचते  ही उसे प्रसव पीडा शुरू हो गयी।
    उसी समय आसमान में घनघोर बादल वर्षा को आतुर हो उठे और बिजली कडकने लगी।

    उसने दाये देखा, तो एक शिकारी तीर का निशाना, उस की तरफ साध रहा था। घबराकर वह दाहिने मुडी, तो वहां एक भूखा शेर, झपटने को तैयार बैठा था। सामने सूखी घास आग पकड चुकी थी और पीछे मुडी, तो नदी में जल बहुत था।

    मादा ह…

  • Maa Durga ki aarti - दुर्गा जी की आरती

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    22 Sep 2017

    श्री दुर्गा जी की आरती

    जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी |
    तुमको निशि दिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ||

    मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को |
    उज्ज्वल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको ||

    कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै |
    रक्तपुष्प गल माला, कंठन पार साजै ||

    केहरि वाहन राजत, खडूग खप्पर धारी |
    सुर - नर मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ||

    कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती |
    कोटिक चन्द्र दिवाकर, राजत सम ज्योति ||

    शुम्भ निशुम्भ विदारे, महिषासुर घाती |
    धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मतमाती ||

    चण्ड - मुण्ड संहारे, शौणित बीज हरे |
    मधु -…

  • Jai Shree Krishna

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    11 Sep 2017

    कितने करिशमाई हैं ये शब्द जो हम सब कहते है

             जय श्री कृष्णा

    जय श्री कृष्णा कहने से-- मन हलका हो जाता है !
    जय श्री कृष्णा  कहने से--नकारात्मक विचार नहीं आते !
    जय श्री कृष्णा कहने से-- पीड़ा शांत हो जाती है !
    जय श्री कृष्णा कहने से--- खुशी उमड़ पड़ती है !
    जय श्री कृष्णा कहने से--गम कोसो दूर चले जाता है !
    जय श्री कृष्णा कहने से -- मान सम्मान बढ जाता है !
    जय श्री कृष्णा कहने से--  ताज़गी का एह्सास होता है !
    जय श्री कृष्णा  कहने से-- बिगड़े काम बनते हैं !
    जय श्री कृष्णा  कहने से-- भजन सुमरन समृद्धि आती…

  • Janmashtami

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    11 Aug 2017

    Janmashtami Celebrated August/September, depending on the cycle of the moon.

    Tuesday, 15 August Krishna Janmashtami 2017.

    Lord Krishna was born in the prison of the King (Kansa) as the eighth child of Devaki on the eighth day of the dark fortnight of Bhadrapada month. It was midnight and Moon was rising along with Rohini Nakshatra when he was born.

    Shri Krishna Janmashtami is a popular Hindu festival that commemorates the birth of Lord Krishna, the eighth avatar of Vishnu. The festival is als…