❝आगे बढ़ने के चार सूत्र :- 1. व्यस्त रहे, मस्त रहे 2. सुख बांटे: दु:ख बंटाये 3. मिल बाँट कर खायें 4. सलाह ले, सम्मान दे❞

Posts in "Spiritual - Related to God" Category

  • God Tusi Great Ho jai shree Krishna

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    25 Apr 2016

    बहुत समय पहले की बात है वृन्दावन में...

    श्रीबांके बिहारी जी के मंदिर में रोज पुजारी जी बड़े भाव से सेवा करते थे। वे रोज बिहारी जी की आरती करते , भोग लगाते और उन्हें शयन कराते और रोज चार लड्डू भगवान के बिस्तर के पास रख देते थे। उनका यह भाव था कि बिहारी जी को यदि रात में भूख लगेगी तो वे उठ कर खा लेंगे। और जब वे सुबह मंदिर के पट खोलते थे तो भगवान के बिस्तर पर प्रसाद बिखरा मिलता था। इसी भाव से वे रोज ऐसा करते थे।

    एक दिन बिहारी जी को शयन कराने के बाद वे चार लड्डू रखना भूल गए। उन्होंने पट बंद किए और…

  • Four precious gems चार कीमती रत्न

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    20 Apr 2016

     चार कीमती रत्न:-

    1~पहला रत्न है: "माफी"
    तुम्हारे लिए कोई कुछ भी कहे, तुम उसकी बात को कभी अपने मन में न बिठाना, और ना ही उसके लिए कभी प्रतिकार की भावना मन में रखना, बल्कि उसे माफ़ कर देना।

    2~दूसरा रत्न है: "भूल जाना"
    अपने द्वारा दूसरों के प्रति किये गए उपकार को भूल जाना, कभी भी उस किए गए उपकार का प्रतिलाभ मिलने की उम्मीद मन में न रखना।

    3~तीसरा रत्न है: "विश्वास"
    हमेशा अपनी महेनत और उस परमपिता परमात्मा पर अटूट विश्वास रखना । यही सफलता का सूत्र है ।

    4~चौथा रत्न है: "वैराग्य"
    हमेशा यह याद रखना कि जब हमारा …

  • Cow and Insan

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    20 Apr 2016

    एक बार एक कसाई गाय को काट रहा था और गाय हँस रही थी....

    ये सब देख के कसाई बोला..   "मै तुम्हे मार रहा हू  और तुम मुझपर हँस क्यो रही हो...?"

    गाय बोलीः जिन्दगी भर मैने घास के सिवा कुछ नही खाया...
    फिर भी मेरी मौत इतनी दर्दनाक है. तो हे इंसान जरा सोच

    तु मुझे मार के खायेगा तो तेरा अंत कैसा होगा...?.
    दूध पिला कर  मैंने तुमको बड़ा किया...

    अपने बच्चे से भी छीना  पर मैंने तुमको दूध दिया...
    रूखी सूखी खाती थी मैं,  कभी न किसी को सताती थी मैं...

    कोने में पड़ जाती थी मैं,  दूध नहीं दे सकती मैं,
    अब तो गोबर से का…

  • लोग क्या कहेंगे - Sabse Bada ROG... Kya Kahenge LOG...

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    12 Jan 2016

    खतरनाक सत्य

    "अगर आप रास्ते पे चल रहे है और आपको वहां पड़ी हुई दो पत्थर की मुर्तिया मिले

    1) भगवान राम की

    और

    2)रावण की

    और आपको एक मूर्ति उठाने का कहा जाए तो अवश्य आप राम की मूर्ति उठा कर घर लेके जाओगे।
    क्यों की राम सत्य , निष्ठा,
    सकारात्मकता के प्रतिक हे और रावण नकारात्मकता का प्रतिक हे।

    फिरसे आप रास्ते पे चल रहे हो और दो मुर्तिया मिले
    राम और रावण की
    पर अगर "राम की मूर्ति पत्थर" की और "रावण की सोने "की हो
    और एक मूर्ति उठाने को कहा जाए तो आप राम की मूर्ति छोड़ कर  रावण की सोने की मूर्तिही उठाओगे
    .
    .

    मतलब हम सत्य …

  • ॐ के 11 शारीरिक लाभ - Meaning & 11 Benefits of Om word

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    03 Jan 2016

    ॐ के 11 शारीरिक लाभ:

    ॐ , ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
    अ उ म् ।
    "अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,

    "उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,

    "म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।

    ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।

    ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।

    जानीए

    ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक
    और
    अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...

    1. ॐ और थायराॅयडः-
    ॐ का उच्‍चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता…