❝ Life always offers you a second chance. It`s called a tomorrow. ❞
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30 Jun 16
Bharti Sanskrati

भारतीय संस्कृति

अपने भारत की संस्कृति को पहचानें | अपने बच्चों को भी ये सब बताए |

दो पक्ष - कृष्ण पक्ष, शुक्ल पक्ष

तीन ऋण – देव ऋण, पितृ ऋण, ऋषि ऋण

चार युग – सतयुग, त्रेतायुग, द्धापरयुग, कलियुग

चार धाम – द्धारिका, बद्रीनाथ, जगन्नाथ, रामेश्वर धाम

चारपीठ – शारदा पीठ (द्धारिका), ज्योतिष पीठ(जोशीमठ बदरीधाम), गोवर्धन पीठ(जगन्नाथपुरी), श्रंगेरीपीठ

चार वेद – ऋग्वेद, अर्थवेद, यजुर्वेद, सामवेद

चार आश्रम – ब्रम्हाचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ, संन्यास

चार अन्त:करण – मन, बुद्धि, चित, अहंकार

पञ्च गव्य – गाय का घी, दुध, दही, गोमूत्र, गोबर

पञ्च देव – गणेश, विष्णु, शिव, देवी, सूर्य

पंच तत्व – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश

छह दर्शन – वैशेषिक, न्याय, सांख्य, योग, पूर्व मिसांसा, दक्षिण मिसांसा,

सप्त पुरी – अयोध्यापुरी, मथुरापुरी, मायापुरी (हरिद्धार), काशी, कांची(शिन कांची),अवन्तिका,द्धारिकापुरी

सप्त ऋषि – विश्वामित्र, जमदाग्नि, भारद्धाज, गौतम, अत्री, वशिष्ठ, कश्यप

आठ युग – यम,नियम,आसन, प्राणायाम,प्रत्याहार,धारणा,ध्यान,समाधि

आठ लक्ष्मी – आग्घ, विद्या,सौभाग्य,अमृत,काम,सत्य,भोग,योग लक्ष्मी

नव दुर्गा – शैलपुत्री, ब्रह्माचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कन्दमाता,                कात्यायिनी,कालरात्रि,महागौरी,सिद्धिदात्री

दस दिशाएं – पूर्व, पश्चिम, उतर, दक्षिण, ईशान, नैऋत्य, वायव्य, अग्नि, आकाश, पाताल

मुख्य 11 अवतार – मत्स्य, कच्छप, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, श्री राम, कृष्ण, बलराम, बुद्ध, कल्कि

बारह मास – चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, अषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फागुन

बारह राशी – मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, कन्या

बारह ज्योतिर्लिंग – सोमनाथ,मल्लिकार्जुन,महाकाल,ओमकारेश्वर,वैजनाथ,रामेश्वरम,विश्वनाथ,त्र्यंबकेश्वर,केदारनाथ, घुशनेश्वर, भीमाशंकर, नागेश्वर

पन्द्रह तिथियाँ – प्रतिपदा,द्धितीय,तृतीय,चतुर्थी,पंचमी,षष्ठी,सप्तमी,अष्टमी,नवमी,दशमी,एकादशी,द्धादशी,त्रयोदशी,चतुर्दशी, पूर्णिमा,अमावस्या

स्मृतियां – मनु,विष्णु,अत्री,हारीत,याज्ञवल्क्य,उशना,अंगीरा,यम,आपस्तम्ब,सर्वत,कात्यायन,ब्रहस्पति,पराशर,व्यास,शांख्य,लिखित,दक्ष,शातातप,वशिष्ठ

 

 

  


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